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Sangya Ke Kitne Bhed Hote Hain? Sangya Kise Kahate Hain?

Sangya Ke Kitne Bhed Hote Hain Sangya Kise Kahate Hain

Sangya Ke Kitne Bhed Hote Hain? Sangya Kise Kahate Hain? संज्ञा किसे कहते हैं? संज्ञा के कितने भेद होते हैं? Sangya ki paribhasha aur uske bhed.

संज्ञा किसे कहते हैं?

संज्ञा की परिभाषा: किसी भी वस्तु, व्यक्ति, जाति, या स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं। (संज्ञा उस विकारी शब्द को कहते हैं जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, गुण, प्राणी के नाम का बोध होता है।) जैसे कलम, कुर्सी, सुहास, दीपक, मुंबई, कुत्ता, हिरन आदि। 

यह संज्ञा की एक आसान परिभाषा है। जिससे हमें संज्ञा किसे कहते हैं, यह पता चलता है।

नीचे हम उदाहरण के तौर पर संज्ञा के बारे में और विस्तार से जान लेते हैं।

Sangya Ke Kitne Bhed Hote Hain Sangya Kise Kahate Hain
Sangya Ke Kitne Bhed Hote Hain Sangya Kise Kahate Hain

संज्ञा:

वस्तु: जैसे कलम, कुर्सी, मेज, कंघा, झाड़ू, तकिया, सोफा, चौखट, चाबी, ताला, कंबल, कूड़ादान, अलमारी, गलीचा, फूलदान, शीशा, तराजू, बेलन, बोतल, रजाई, कटोरा आदि।

व्यक्ति: अमित, राज, किरण, सूरज, दीपक, संदीप, राहुल, सलमान, प्रेम, सुहास, किशोर, कुमार, पवनदीप, प्रताप, शशि, सुंदर आदि।

प्राणि: (मनुष्य, पशु, पक्षी) शेर, कुत्ता, बिल्ली, गाय, हिरण, कुत्ता, गधा, हाथी, बकरी, बंदर, चूहा, सूअर, खरगोश, भीड़, बाघ, मछली, घोड़ा, जीरा, चीता, कछुआ, लोमड़ी, वनमानुष आदि।

स्थान: मुंबई, कलकत्ता, बनारस, दिल्ली आदि। 

भावों के नाम:

अच्छाई, बुराई, मिठास, प्रेम, क्रोध, बचपन, बुढ़ापा आदि।

संज्ञा के कितने भेद होते हैं?/ संज्ञा के कितने प्रकार होते हैं?/ Sangya ki paribhasha aur uske bhed:

संज्ञा के मुख्य रूप से तीन भेद होते है, परंतु जातिवाचक संज्ञा के और दो प्रकार मिलाके संज्ञा के कुल पाँच प्रकार बन जाते है।

१) व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)

व्यक्तिवाचक संज्ञा मे किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि का बोध होता है। जैसे, सुरेश, दीपक, पुणे, मद्रास, कलम, आलमारी आदि।

दीपक: किसी व्यक्ति का नाम

वाक्य: दीपक ने उसकी मदद करके एक नेक काम किया है। इस वाक्य मे दीपक एक व्यक्ति का नाम है।   

पुणे: किसी स्थान का नाम

वाक्य: शनिवारवाड़ा पुणे मे स्थित है। इस वाक्य मे शनिवारवाड़ा कहा स्थित है यह बताया गया है। इसलिए पुणे यह एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है। 

२) जातिवाचक संज्ञा (Common noun) (जातिवाचक संज्ञा के दो भेद है।)

जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु, या स्थान की सम्पूर्ण जाती का बोध कराते है उसे जातिवाचक संज्ञा कहते है। इसमे किसी एक के बारे मे बात नहीं होती इसमे सम्पूर्ण जाती आती है।  जैसे,

वस्तु: फल, कलम, पुस्तक, इसमे कौनसा भी फल हो सकता है, जैसे आम, केला आदि। और पुस्तक कौनसा भी हो सकता है, जैसे इतिहास, गणित या अंग्रेजी आदि।   

स्थान: शहर, नदी, विद्यालय, गाँव आदि। इसमे शहर कौनसा भी हो सकता है, जैसे मुंबई, पुणे, मद्रास आदि।

प्राणी: लड़का, जानवर, पक्षी आदि।

लड़का: इसमे लड़का कोई भी हो सकता है, जैसे दीपक, सुरेश, रमेश आदि।

जानवर: इसमे जानवर कोई भी हो सकता है, जैसे हाथी, बन्दर, गाय, खरगोश आदि।

पक्षी: इसमे पक्षी कौनसा भी हो सकता है, जैसे तोता, कोयल, कौआ आदि।

उदाहरण के लिए कुछ वाक्य:

जंगल मे बहुत ही खतरनाक जानवर रहते है। 

वसंत के मौसम मे बहुत पक्षी नजर आते है।

भगवान को फूल चढ़ाए जाते है।

गीता विद्यालय मे पढ़ती है।

जातिवाचक संज्ञा के दो उपप्रकार     

अ) द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun

आ) समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun)

Sangya Ke Kitne Bhed Hote Hain Sangya Kise Kahate Hain

३) भाववाचक संज्ञा(Abstract Noun)

भाव यानी हमारे अंदर कि feelings होती है। जिसका हम चित्र नहीं बना सकते, जिसे हम छु नहीं सकते।

जो शब्द किसी चीज या पदार्थ की अवस्था, गुण, दशा, या भाव का बोध कराता है उसे भाववाचक संज्ञा कहते है।

उदाहरण:

अच्छाई: अच्छाई यह व्यक्ति के अंदर का एक गुण है।

बुराई: बुराई यह व्यक्ति के अंदर का एक गुण है।

ईमानदारी: ईमानदारी यह व्यक्ति के अंदर का एक गुण है।

मिठास: यह किसी फल, पदार्थ का एक गुण है।

प्रेम: प्रेम यह व्यक्ति के अंदर का एक गुण है। 

क्रोध: क्रोध यह व्यक्ति के अंदर का एक गुण है।

सुंदरता: यह किसी वस्तु, व्यक्ति, प्राणी, पदार्थ, का एक गुण है।    

बचपन: बचपन यह व्यक्ति के जीवन की एक अवस्था है।

बुढ़ापा: बुढ़ापा यह व्यक्ति के जीवन की एक अवस्था है।

खुशी: खुशी यह व्यक्ति के जीवन की एक अवस्था है।

उदाहरण के लिए कुछ वाक्य:

१) नोकर की ईमानदारी ने सबका दिल जात लिया।

इस वाक्य मे हमे नोकर की वफादारी, ईमानदारी के बारे मे पता चलता है। इस वाक्य मे ईमानदारी का भाव प्रकट होता है। इसलिए इस वाक्य मे दिए गए ईमानदारी इस शब्द को हम भाववाचक संज्ञा कह सकते है।

२) आज पिताजी बहुत खुश है।

इस वाक्य मे हमे पिताजी की प्रसन्नता, खुशी के बारे मे पता चलता है। इस वाक्य मे खुशी का भाव प्रकट होता है। इसलिए इस वाक्य मे दिए गए खुश इस शब्द को हम भाववाचक संज्ञा कह सकते है।

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संज्ञा के कितने भेद होते हैं?

संज्ञा के मुख्य रूप से तीन भेद होते है, परंतु जातिवाचक संज्ञा के और दो प्रकार जोड़के संज्ञा के कुल पाँच प्रकार बन जाते है।

संज्ञा किसे कहते हैं?

किसी भी वस्तु, व्यक्ति, जाति, या स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं।

संज्ञा परिभाषा क्या है?

संज्ञा उस विकारी शब्द को कहते हैं जिससे किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, गुण, प्राणी के नाम का बोध होता है।

जातिवाचक संज्ञा क्या है?

जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु, या स्थान की सम्पूर्ण जाती का बोध कराते है उसे जातिवाचक संज्ञा कहते है।

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